मंत्र जाप साधना की वह स्तिथि है जब साधक साधना में लीन होने लगता है। माला से मंत्र जाप करने से हम जो ईश्वर की आराधना करते हैं उनसे हमारा डायरेक्ट कनेक्शन हो सकता है। मंत्र वह सीढ़ी है जो आपको ईश्वानुभूति सीधे सरल तरीके से आसानी से कराती हैं। रुद्राक्ष माला मंत्र मानसिक रूप...
सकारात्मक ऊर्जा मंत्र
सकारात्मक ऊर्जा मंत्र का उपयोग किसी बीमार व्यक्ति को ठीक करने में भी कर सकते हैं। पॉजिटिव एनर्जी को चैनलाइज करके।यदि कोई व्यक्ति आपके घर में लंबी बीमारी से ग्रसित है या बार बार बीमार पड़ता हो,उसके आसपास या उसके कमरे आपकी सकारात्मक ऊर्जा को channelize करके उसे कोई भी बीमारी से निजात दिला सकते...
ॐ उच्चारण के फायदे
ॐ शब्द की उत्पत्ति ब्रह्मांड में सबसे पहले हुई थीं, श्रृष्टि का निर्माण हुआ तब ॐ शब्द ही सबसे पहले गूंजा था। ॐ तीन शब्दों से बना है। A u m यह त्रिदेव है ब्रह्मा विष्णु और महेश का भी प्रतीक हैं ॐ का उच्चारण करने से ये तीनों देवताओं को भी याद करते हो।सनातन...
Om Shivoham Japa – ॐ शिवोहम का जाप
ॐ शिवोहम का अर्थ होता हैं, मै ही शिव हूं मै ही शिव का अंश हूं। मैं शानदार हूं, मै एक चेतना हूं, मैं आनंदित हूं।यह भगवान शिव का मंत्र है।यह मंत्र जप ने से जो एक सत्य है , शिव की परम वास्तविकता है उनके साथ एकाकार होना शुरू हो जाते है। ॐ शिवोहम...
ध्यान का अभ्यास | Meditation Practice
भगवद्गीता में भी श्रीकृष्ण कहते हैं मन को वास्तव में नियंत्रित करना मुश्किल है। पर इसे ध्यान के निरंतर अभ्यास से काबू किया जा सकता हैं। मन में आ रहे विचारो को तो बड़े बड़े ध्यानी लोगो के लिए भी रोकना कठिन है। ये तो कई सालो के तप और अभ्यास के बाद मुमकिन हो...
माइग्रेन के दर्द से निजात पाने के 51 उपाय | 51 remedies to cure migraine
माइग्रेन के दर्द से हमेशा के लिए निजात पाने के 51 उपाय (51 remedies to cure migraine) 1) अंगूठे और तर्जनी उंगली के बीच का जो भाग है उसके बीच में एक मिनट तक पहुंच दबाव डाले। बारी बारी से दोनों हाथो पर करे आप महसूस करेंगे कि आपका दर्द कम होता जा रहा है...
कुण्डलिनी शक्ति जागरण – कुण्डलिनी शक्ति का सच
कुंडलिनी शक्ति रीढ़ की तीसरी और चौथी हड्डी के जो गोल गोल मोती जैसी हड्डी के बीच में भगवती शक्ति कुण्डलिनी बसी हुई है। शरीर में जो भी सहस्त्रावधी नाडिया वह तीर्थरूप कहलाती हैं। ये तीन नाड़ी है इडा नाड़ी , पिंगला नाड़ी, सुषुम्ना नाड़ी । यह तीर्थरुप हैं जैसे गंगा, जमुना,सरस्वती नदिया, निश्चल निर्मल...
सात चक्र रहस्य | Seven Chakras
मूलाधार चक्र रहस्य इस चक्र के देवता भगवान गणेश है। जैसे यह चक्र का नाम है मूलाधार , मूल या आधार से पता चलता है कि इसका केंद्र बिंदु रीढ़ की हड्डी के आधार पर स्थित है।यह चक्र पृथ्वी तत्व है ।यह उपर के पांच चक्रों को स्थिरता देता हैं।यह चक्र शारीरिक इच्छाओं को भी...
नवरात्री साधना | Navratri Meditation
इन दिनों में हर साधक का मां दुर्गा की पूजा, आराधना , ध्यान साधना, करने का अपना एक उद्देश्य होता हैं। इस उद्देश्य को पूरा करने की भी प्रक्रिया है। दुर्गा मां की शक्ति को भी पूजने के दो तरीके हैं एक पूजा,नित्य पाठ करना, मंत्र जाप करना, व्रत रखना और दूसरा तरीका है इन...
ॐ नमः शिवाय मंत्र उच्चारण
ॐ नमः शिवाय शिवजी सदा सहाय ॐ यह भगवान शिव के डमरू से उत्पन्न श्रृष्टि का पहला मंत्र है। ॐ नमः शिवाय मंत्र – मंत्र को सही तरीके से सांसों साथ तालमेल बैठाकर उच्चारण किया जाए तो आपके जीवन में एक एक चमत्कार होते हुए देखते जाइए। सही तरीका यही है कि आपको अंदर सांस खींचते...
