हमारे शरीर में सात मुख्य चक्र विद्यमान हैं। यह हमारे शरीर के अलग अलग भागों में स्थित हैं। हर चक्र की अपनी ऊर्जा शक्ति है। इन्हीं चक्र की ऊर्जा पर ही हमारा जीवन आधारित हैं। इन्हे सृष्टि के समस्त शक्तियों का केंद्र भी माना जाता हैं। इन्हीं सातों चक्र मे मुनष्य की चेतना विद्यमान हैं।...
क्या प्रारब्ध की धारणा से व्यक्ती अकर्मण्य बनता है प्रारब्ध कर्म क्या हैै?कर्म मुक्ति या खुद ही बंधे हैं, खुद ही मुक्त होंगे
प्रारब्ध पूर्व जन्म में किए गए कर्मों को प्रारब्ध कहते हैं। जिसे लोग भाग्य के नाम से भी जानते हैं। मनुष्य नित्य कुछ ना कुछ कार्य करते ही रहते हैं जिसे कर्म कहते है। अच्छा कार्य करने से अच्छे कर्म और बुरा कार्य करने से बुरे कर्म बनते हैं। प्रारब्ध का अर्थ ईश्वर ने मनुष्य को...
भगवान श्री कृष्ण के अनमोल वचन। bhagwan Shri Krishna k Anmol Vachan अमीर बनने के रास्ते भगवान श्री कृष्ण ने ये चार बताएं
धन रुपया पैसा हर युग हर मनुष्य को इसकी जरुरत है। यदि किसी के पास धन नहीं हो तो उसकी बड़ी ही दयनीय स्थिति हो सकती हैं। धन से इन्सान को अच्छा जीवन जीने मिलता है। पेट भर भोजन जीवन की सारी जरुरते धन से ही पूर्ण हो सकती हैं। वही धन की कमी से...
गणपति बप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया Ganapati Bappa Morya Mangal Murti Morya
गणपती बाप्पा के सभी अंगों के दर्शन जो भी भक्तजन सच्ची श्रद्धा से भक्तिभावना तन मन से आंखों से प्रेमपूर्वक करते हैं ऐसे भक्तो की सारी इच्छा बाप्पा बीना कहे ही पूर्ण कर देते हैं। जीवन में आनेवाली सारी कठिनाइयों को दूर कर देते है। भक्तो के आत्मबल को बाप्पा इतना मज़बूत कर सकते हैं कि...
Bhagwan shiv k asadhya rog nashak chamatkari mantra भगवान शिव के असाध्य रोग नाशक चमत्कारी मंत्र
भगवान शिव देवो के देव महादेव हैं। शिवजी ही सोमनाथ, महाकाल , उमापति और श्रृष्टि के रचयिता हैं। भगवान शिव सूक्ष्म से सूक्ष्म सभी अणु परमाणु मे निवास करते हैं। यह सिर्फ़ जो भक्त उनकी सच्चे दिल से आराधना भक्ती श्रध्दा पूर्वक करते है। उन्हें ही यह अनुभूति हो सकती हैं और वे ही शिवजी की उपस्थिति...
देवों के देव महादेव क्यों हैं सर्वोच्च जानिए / भगवान शिव को प्रसन्न करने वाले सरल उपाय पूरी होगी हर मनोकामना/Four Effectively Miraculous Mantras
भगवान शिव ही महादेव हैं। शिवजी ही सोमनाथ, महाकाल उमापति और श्रृष्टि के रचयिता हैं। संपूर्ण सृष्टि की उत्पत्ति भगवान शिव ने ही की है। भगवान शिव ही आदि और अनंत है। वे सूक्ष्म से सूक्ष्म परमाणु मे निवास करते हैं। वे निर्गुण निराकार परब्रह्म है। उनकी भक्ति करने मात्र से जीवात्मा को मोक्ष की...
Social Motives Behaviour Psychological मनोविज्ञान के कुछ दिलचस्प रोचक तथ्य Manovigyan ke kuch Dilchasp Rochak Tathya
मनोविज्ञान के कुछ दिलचस्प रोचक तथ्य आपको बताने जा रही हूं जो आपको निश्चित ही पसंद आयेंगे और इसे अपने जीवन में अवतरित करने की कोशिश भी कर सकते हैं। इसमें आप जानेंगे की 1 Reastaurant में waiter के साथ किस तरह बरताव करने वाले लोगों का स्वभाव कैसे होते है 2 विचारों के कारण...
Mantra Siddhi मंत्र सिद्ध होते ही प्रकट होने लगते है ये लक्षण
कोई भी मंत्र आपकी इच्छा अनुसार चुनाव करने के बाद सबसे पहले मंत्र जप शुरू करने से पहले मन ही मन ये संकल्प जरूर करे साथ ही ईश्वर से प्रार्थना करें कि इस मंत्र सिद्धि से जो भी शक्ति प्राप्त होगी वह किसी के भी अहित के लिए उपयोग बिलकुल नहीं करेंगे चाहे वो कोई दुश्मन...
Satya Vachan In Hindi जीवन के कटु सत्य वचन , कड़वी मगर सच्ची बातें Bitter But True Things
झूठा दिखावा दिखाने वालों का सत्य जानिए बाहर दुनिया के सामने खुदको sophesticated दयालु, मददगार दिखाने वाले झूठे मक्कार लोगों का सच जानिए। जो घरवालों को तो तिरस्कृत और अपमानित करते रहेंगे। बाहर दूसरों के सामने शालीनता का ढोंग रचेंगे। रहेंगे तो परिवारवालों के सामने खाली जेब है पैसे ना होने का दिखावा और बाहरवालों...
Shanidev Ko Kaise Kare Khush शनिदेव से डरे नहीं, अपने कर्म सुधारे In Very Simple Easy Ways
यदि आपके ज्योतिष गणना के अनुसार शनि की साढ़ेसाती है तो भी उसमे डरने या घबराने जैसा कुछ भी नहीं है। ये दौर हर के जीवन में एक बार तो आता ही है। शनि की साढ़ेसाती कितने वर्ष की हैं । आपको क्या भोगना पड़ रहा है ये बात जरूरी नहीं है बल्कि ये बात...
