आप पितृदोष की पीड़ाओं से मुक्ति पाना चाहते हैं तो श्राद्ध पक्ष में पितरों की तृप्ति जरूर करे। श्राद्ध पक्ष के दौरान पितरों को धरती पर भेजा जाता हैं। पितृ आते है अपने वंशजों के चौखट पर प्रतीक्षा करते है।वे भोजन के लिए भूखे और प्यासे रहते हैं। यदि उनके नाम पर खिलाया नहीं जाता...
कुण्डलिनी शक्ति जागरण – कुण्डलिनी शक्ति का सच
कुंडलिनी शक्ति रीढ़ की तीसरी और चौथी हड्डी के जो गोल गोल मोती जैसी हड्डी के बीच में भगवती शक्ति कुण्डलिनी बसी हुई है। शरीर में जो भी सहस्त्रावधी नाडिया वह तीर्थरूप कहलाती हैं। ये तीन नाड़ी है इडा नाड़ी , पिंगला नाड़ी, सुषुम्ना नाड़ी । यह तीर्थरुप हैं जैसे गंगा, जमुना,सरस्वती नदिया, निश्चल निर्मल...
